यूँ पकड़ा गया यासीन भटकल, उपेक्षित रहे उसे पकड़ने वाले जांबाज़

यह लेख पी॰आर॰रमेश के लेख "Thankless India" पर आधारित है। Link:-http://www.openthemagazine.com/article/india/thankless-india 13 अगस्त 2013 को एक मीटिंग चल रही थी, SOG याने की स्पेशल ऑपरेशन ग्रूप्स...

सिर्फ कट्टरपंथियों का शहर नहीं हैदराबाद

यह लेख खासकर मैं उन लोगो के लिए लिख रहा हूं जिन्होंने आज तक इस शहर की हवा और नब्ज को कभी महसूस नहीं...

ओवैसी को समझना है तो जिन्ना को समझिये और समझिये रंगे...

एक बार की बात हैं कि एक सियार जंगल में एक पुराने पेड़ के नीचे खड़ा था। पूरा पेड़ हवा के तेज झोंके से...

विपक्ष की सबसे बड़ी परेशानी ये है

आजकल हम देखते हैं क़ि हर नेता, अभिनेता या कोई सेलिब्रिटी देश में चल रहे सभी मुद्दों पर कुछ ना कुछ टिप्पणी करता हैं....

राष्ट्रीय कैडेट कोर की अनसुनी कहानी, एक कैडेट की जुबानी

प्रथम दृष्टया आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि प्रति वर्ष देश के चुनिन्दा कैडेट्स जो कि राष्ट्रीय कैडेट कोर(National Cadet Corps) का प्रतिनिधित्व...

एक सांसद को विदेश मंत्रालय के काम पर शक़ था, जनरल...

कुछ समय पहले एक हिंदी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी जिसने बॉक्स-ऑफिस पे धूम मचा दी थी। अक्षय कुमार अभिनीत इस फिल्म का...

रीयल लाइफ वीर-ज़ारा: हिंदुस्तान का एक वीर पाकिस्तान की जेल में...

प्यार, इश्क, मोहब्बत और ना जाने क्या-क्या कहते हैं इसे, लोग कहते हैं की इसका जूनून जिसके सर पे सवार हो जाए वो पागलपन...

विमुद्रीकरण मसले पर विपक्ष जनता की नब्ज़ पकड़ने में पूरी तरह...

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विमुद्रीकरण की घोषणा करने के चंद मिनटों बाद ही देश में क्रांति की लहर उमड़ पड़ी थी| एक ओर...

मनोज तिवारी बने बीजेपी दिल्ली के मुखिया: तुरुप का इक्का?

वैसे तो लोकतन्त्र में पार्टी नियुक्तियाँ कोई नई बात नहीं है, पर नोटबंदी के पश्चात भारतीय जनता पार्टी के अंदर कोई भी फेरबदल अब...

26-11 हमला: आप कितने गुनहगार हैं?

हेमंत करकरे, विजय सालस्कर, तुकाराम ओम्बले, मेजर संदीप। नाम याद है न? इनके अनेकों साथी, बलिदान याद है न? नहीं? आज की...

नोटबंदी के हर विरोधी को आप भ्रष्ट नहीं कह सकते

नोटबंदी के बाद एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने मैं राजधानी रायपुर से 200 किमी दूर सुदूर एक ग्राम 'बेलगहना' गया. उस गाँव में...

भ्रष्टाचार उन्मूलन के बाद मोदी विपक्ष से एक और बड़ा मुद्दा...

जिस दिन से ये देश आजाद हुआ है आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों में सबसे पहला स्थान 'रोटी, कपड़ा और मकान' का ही...